A2Z सभी खबर सभी जिले की

बानसूर बना ‘कचरे का शहर’, 5 दिन से हड़ताल पर सफाईकर्मी

सड़कों पर लगे कचरे के पहाड़, दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल- डेंगू-मलेरिया का मंडराया खतरा

बानसूर। कस्बे में सफाई कर्मचारियों की पांच दिन से जारी हड़ताल ने पूरे शहर को कचरे के ढेर में बदल दिया है। नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। मुख्य बाजार से लेकर गलियों-मोहल्लों तक सड़ता कचरा और उठती बदबू ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। घर-घर कचरा संग्रहण ठप होने से हालात बेकाबू हैं। मुख्य चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरे के पहाड़ खड़े हो गए हैं। मोहल्लों की गलियों में गंदगी के अंबार से गुजरना दूभर हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि बदबू के मारे ग्राहक बाजार में खड़ा तक नहीं हो पा रहा है, जिससे कारोबार चौपट हो गया है।

भीषण गर्मी में सड़ रहे कचरे से संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों में दहशत है कि डेंगू, मलेरिया और हैजा जैसी बीमारियां कभी भी फैल सकती हैं। कचरे के ढेरों से उठ रही जहरीली बदबू से घरों में रहना मुश्किल हो गया है।

कांग्रेस नगर अध्यक्ष राहुल आर्य ने हालात पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि पांच दिन से शहर नरक बना हुआ है। जनता बीमारियों से मरने के कगार पर है और नगरपालिका प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है। सफाईकर्मियों और प्रशासन की लड़ाई में आम आदमी पिस रहा है। राहुल आर्य ने चेतावनी दी कि अगर 24 घंटे में कचरा नहीं उठा तो कांग्रेस सड़क पर उतरेगी।

Related Articles

पांच दिन से नरक जैसी हालत पर कस्बेवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। लोगों का कहना है कि नगरपालिका और सफाईकर्मियों की लड़ाई का खामियाजा जनता भुगत रही है। कस्बेवासियों ने प्रशासन से तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था कर कचरा उठाने या सफाईकर्मियों की मांगें मानकर हड़ताल खत्म कराने की मांग की है। लोगों ने कहा कि हालात बेकाबू हुए और बीमारी फैली तो जिम्मेदार प्रशासन होगा।

Show More
Back to top button
error: Content is protected !!